Monday, April 6, 2009

वक्त नही है ..

आज कल किसी के पास ज्यादा पढ़ने के लिए वक्त ही नही है । लंबे और बड़े लेख तो लोग देखते ही छोड़ देते है । कभी उन्हें काफी नुकशान भी उठाना पड़ता है । पर वे इसकी परवाह नही करते । कम शब्दों में भी बातें कही जा सकती है । सरल व सहज बातें असर भी करती है । कभी कभी तो वे दिलों दिमाग पर छा जाती है । सरल शब्दों के असर से तो मै नही बच पाया। आप पर भी कुछ न कुछ असर तो जरुर दिखेगा ।

1 comment:

  1. कल 28/02/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर (विभा रानी श्रीवास्तव जी की प्रस्तुति में) लिंक की गयी हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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