Sunday, January 20, 2019

जिंदगी


जिंदगी
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एक आशा लिए
कर्तव्य पथ पर
भागता एक पथिक
थक कर सोता नहीं
क्योंकि
वह जिन्दा है।
हर दिन
सुबह की किरण
हमें जागृत करती है
लगातार
अनंत काल से
वह भी थकी नहीं
क्योंकि
वह ज़िंदा है।
मुस्कराहट
जीवन की दौड़ में
पथरीली राह में
अँधेरी रात में
रौशनी देती है
क्योंकि
वह जिन्दा है।

Wednesday, December 19, 2018


वो सुबह सबेरे का अंदाज , गायों का रम्भाना ,
भागते हुए नहर पर जाना और पूरब में लालिमा छाना ,
सबकुछ याद है ।
बैलों की खनकती हुई घंटियाँ , दूर - दूर तक फैली हरियाली ,
वो पीपल का पेड़ और छुपकर जामुन पर चढ़ जाना ,
सबकुछ याद है ।

Saturday, September 30, 2017

अनुभव

पूर्व के अनुभव से एक बात कह सकता हूँ की विकट परिस्थितियों के लिए कुछ पैसे जरूर रहना चाहिए... अन्यथा ऐसी लाचारी का भाव उत्पन्न होता है जिसे बयान नहीं किया जा सकता।

Monday, September 4, 2017

एक ज्वलंत प्रश्न!


एक ज्वलंत प्रश्न !
दुष्कर्म और कुकर्म के खिलाफ
 सामूहिक आवाज कब उठेगी ?
 कृत्रिम मिथक अब टूट जाने चाहिए
 आखिर कबतक सताते रहेंगें !

क्या शारीरिक सौन्दर्य ही
उसकी सबसे बड़ी पूंजी है ?
क्या वह सिर्फ और सिर्फ
वस्तु  बनके रह गयी
का हे की आधुनिकता !

शक्तिरूपा का केवल गुणगान
अब नहीं करना
व्यवहार में हस्ती का निर्माण
कब होगा ?
समाज के सामने एक ज्वलंत प्रश्न !

Sunday, July 9, 2017

Saturday, October 1, 2016

आदत है...

आदत है
भँवरें के पीछे जाना
रोज दुपहरी में 
एकटक निहारना
मौसम बदला क्या !